Tuesday, December 1, 2020

पानीपत में पतंग उड़ाने गए तीन बच्चों की संदिग्ध हालात में मौत

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पानीपत। हरियाणा के पानीपत के मॉडल टाउन पुलिस थाना एरिया में सील ब्लीच हाउस पर पतंग के लिए धागा लेने गए बिंझौल गांव के 9 से 11 साल के तीन बच्चे मंगलवार देर रात लापता हो गए थे। तीनों बच्चों के शव बुधवार सुबह 12 घंटे के बाद परिजनों ने माइनर नंबर 9 से बरामद किए।  दो बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था और एक की नाक से खून। परिजनों ने ब्लीच हाउस संचालक सहित 12 कर्मचारियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने परिजनों के दबाव में केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन 24 घंटे बाद भी हत्या के कारणों का खुलासा नहीं कर सकी है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। बुधवार रात को आई रिपोर्ट में बच्चों की मौत की पुष्टि डूबने से हुई। तीनों बच्चे शाम 4 बजे भादड़ रोड स्थित ब्लीच हाउस पर धागा लेने गए थे। उनके साथ तीन अन्य दोस्त भी थे। धागे लेते समय ब्लीच हाउस के मैनेजर पवन और एक महिला कर्मचारी शोबिला ने देख लिया था।

तीन बच्चे तो मौके से भाग गए। तीन बच्चों लक्ष्य (11 वर्ष) पुत्र जयकुमार, वंश (9 वर्ष) पुत्र अशोक कुमार और अरुण (11 वर्ष) पुत्र बिजेंद्र को मैनेजर और महिला कर्मचारी ने पकड़ लिया था। तीन बच्चों की सूचना पर जब परिजन आए तीनों बच्चे ब्लीच हाउस पर नहीं मिले थे। तब मैनेजर ने कहा था कि हमने तो तीनों को भगा दिया था।

परिजन बोले- पुलिस साथ नहीं दे रही, डीएसपी ने सिर पर हाथ रख कसम खाई, आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे
सुबह करीब 6:30 बजे मृतक परिवार की महिलाओं ने पुरुषों संग आकर गोहाना रोड पर जाम लगा दिया। शव सड़क पर रख दिए। महिलाएं ने सड़क पर ही विलाप करना शुरू कर दिया। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लग गई। मॉडल टाउन पुलिस मौके पर पहुंच गई लेकिन परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी वे सड़क से नहीं हटेंगे।  करीब 20 मिनट बाद ही डीएसपी संदीप कुमार पहुंच गए।

उन्होंने लोगों को भराेसा दिलाया कि जो भी आरोपी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपने सिर पर हाथ रखकर कसम भी खाई। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटे। इससे पहले सुबह करीब 11:30 बजे तीनों बच्चों के परिजन सिविल अस्पताल में मॉर्चरी के बाहर पहुंचे और हंगामा कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मॉडल टाउन पुलिस उनकी बात नहीं सुन रही है और बच्चों की हत्या होने की बात मानने से इनकार कर रही है। इस बीच थाना शहर, सदर के फोर्स के साथ-साथ दुर्गा शक्ति की टीम और महिला थाने की फोर्स पहुंच गई। ताकि कोई रोड जाम न कर दे।

महिला ने कहा- डूब गए होंगे बच्चे, ढूंढ लो
परिजनों का आरोप है कि जब वे रात 8 बजे ब्लीच हाउस पर पहुंचे तो वहां जमीन के मालिक की पत्नी और बेटा अंशू मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने अभद्रता की। जमीन मालिक की पत्नी ने कहा कि यहां तुम्हारे बच्चे नहीं है। रजवाहे में जाकर तलाश करो। डूब गए होंगे। यह सुन उनका माथा ठनक गया। उन्होंने शाम छह बजे से माइनर में तलाशी शुरू कर दी थी।

नहर से पानी का बहाव कम कर शुरू की खोज
तीन बच्चों के गायब होने से बिंझौल गांव में हड़कंप मच गया। तीनों एक-दूसरे के पड़ोसी थे। मंगलवार रात को ही ग्रामीणों ने दिल्ली पश्चिम नहर से निकलने वाले माइनर-9 के पानी के बहाव कम किया। फिर रात 1:30 बजे गांव के युवक तलाश में जुटे। डेढ़ घंटे बाद ही ब्लीच हाउस से 100 मीटर दूर ही माइनर में तीनों बच्चों के शव मिले।

कोठरे में भिनभिना रही थीं मक्खियां, क्या शव थे वहां‌?
परिजनों ने बताया कि ब्लीच हाउस करीब एक एकड़ में बना है। इसके पीछे माइनर-9 है। माइनर के आगे की एक कोठरा बना हुआ है। रात करीब 9 बजे जब वह वहां पहुंचे तो उसमें मक्खियां भिनभिना रहीं थीं। उन्हें शक हुआ कि बच्चों की हत्या कर शवों को कोठरे में ही छिपा दिया था।

हत्या की धारा जोड़ दी  
पहले धारा 365, 323 और 34 के तहत हरिओम ब्लीच हाउस के मैनेजर पवन पर केस दर्ज कर लिया था। अब धारा 302 जोड़ दी है। जमीन मालिक के बेटे अंश, उसकी मां, डाई हाउस के संचालक हरिओम सहित 12 लोगों पर हत्या का शक जताया है। -संदीप कुमार, डीएसपी

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