Thursday, October 29, 2020

तस्वीरें : घायल को 40 किलोमीटर तक कंधों पर ले जाकर बचाया आईटीबीपी के जवानों ने

Must read

दो नेताओं के बीच घूमती बिहार की दलित राजनीति

संजीव पांडेय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने खेमा बदल लिया है। इस साल प्रस्तावित बिहार...

अयोध्या जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू को बाराबंकी में हिरासत में लिया

बाराबंकी। अयोध्या में किसानों से मिलने जा रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को बाराबंकी में हिरासत में ले...

त्रिवेंद्र की कोशिश पर पार्टी ने फेरा पानी

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अनिच्छा के बावजूद भाजपा संगठन ने जिस तरह से रुड़की के विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन...

कांग्रेस के असंतुष्टों की मंशा पर उठते सवालों के जवाब भी जरूरी हैं

बगावती तेवर में सता की लालसा है। सत्ता का वियोग है। जिन्हे निशाने पर लिया गया है वे भी लोकतांत्रिक नहीं हैं। जनता...

पिथौरागढ़। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के जवानों ने घायल को 40 किलोमीटर कंधों पर उठाकर रेस्क्यू किया, 15 घंटे चलकर सड़क मार्ग तक पहुंचाया। पिथौरागढ़ जिले की अग्रिम चौकी के नजदीक सीमांत गांव लास्पा में एक स्थानीय महिला के पहाड़ से गिरकर घायल हो जाने के बाद आईटीबीपी के जवानों ने लगभग 40 किलोमीटर फिसलन, उफनते नालों, भूस्खलन और खतरों से भरे मार्ग पर पैदल चलकर मोटर मार्ग तक पहुंचाया जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

20 अगस्त, 2020 को स्थानीय महिला अपने घर से कुछ दूरी पर अचानक एक पहाड़ी से नीचे गिर गई जिससे उसका पैर टूट गया और उसकी स्थिति बहुत गंभीर हो गई थी।

खराब मौसम होने की वजह से हेलीकॉप्टर देहरादून से बरेली तक ही आ सका, जिसके बाद आईटीबीपी के जवानों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय मिलम से पीड़ित महिला को मुनस्यारी मोटर मार्ग तक पहुंचाने की कोशिशें शुरू कर दीं।

जवानों ने स्ट्रेचर की मदद से अपने कंधों पर 22 अगस्त, 2020 को देर रात तक मुंसियारी मोटर मार्ग तक पहुंचाया गया जिसके बाद पीड़ित महिला को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है जहां उसकी स्थिति अब स्थिर है।

इस अभियान में आईटीबीपी के कुल 25 जवानों ने लगातार पहाड़ी ढलानों और उबड़ खाबड़ रास्तों पर महिला को स्ट्रेचर के सहारे सुरक्षित स्थान सड़क मार्ग तक पहुंचाया। बरसात के कारण वर्तमान में मोटर मार्ग में कई स्थानों पर टूटा हुआ है जिससे वाहन परिचालन योग्य सड़क मार्ग तक पहुंचाने में जवानों को पूरे दिन से ज़्यादा का समय लग गया।

पहले यह जवान अपनी चौकी से 22 किलोमीटर दूर पैदल चलकर लसपा गांव पहुंचे और फिर स्ट्रेचर में महिला को उठाकर देर शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुंसियारी लेकर पहुंचे जिसके बाद अब उसका इलाज संभव हो सका है

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article

समीक्षा के बहाने ‘अपने मन की’ करने की तैयारी में त्रिवेंद्र

खराब प्रदर्शन के आधार पर नापसंद मंत्रियों को हटाएंगे और अपनी पसंद के नेताओं को सरकार में लाएंगे

पहले दौर में हुड्‌डा का दांव योगेश्वर दत्त पर भारी

चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव के ठीक एक साल बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा आमने-सामने हैं। बरोदा...

हरियाणा की बेटी ने फतह की उत्तराखंड की सबसे ख़तरनाक चोटी रुदुगैरा

विश्व विख्यात पर्वतारोही अनीता कुंडू ने उत्तराखंड में स्थित रुदुगैरा को फतह कर लिया। उनका ये अभियान प्रधानमंत्री और खेल मंत्री...

हाथरस से निकल सकता है कांग्रेस के लिए लखनऊ का रास्ता

लखनऊ। हाथरस कांड कांग्रेस उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को पुनर्जीवन देने के लिए बड़ा मुद्दा बन सकता है, खासकर सपा और...

एशियाई लीडरों की तरह ट्रंप भी कर रहे है इनकम टैक्स की चोरी?

संजीव पांडेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लैटिन अमेरिकी और एशियाई लीडरों की कतार में शामिल हो रहे हैं।...