Tuesday, November 24, 2020

उत्तराखंड में तीसरी ताकत के रूप में उभर रही है आप

पार्टी ने सही कदम उठाए और पंजाब जैसी गलती नहीं की तो 2022 में वह बना सकती है सरकार

Must read

दो नेताओं के बीच घूमती बिहार की दलित राजनीति

संजीव पांडेय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने खेमा बदल लिया है। इस साल प्रस्तावित बिहार...

अयोध्या जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू को बाराबंकी में हिरासत में लिया

बाराबंकी। अयोध्या में किसानों से मिलने जा रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को बाराबंकी में हिरासत में ले...

त्रिवेंद्र की कोशिश पर पार्टी ने फेरा पानी

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अनिच्छा के बावजूद भाजपा संगठन ने जिस तरह से रुड़की के विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन...

कांग्रेस के असंतुष्टों की मंशा पर उठते सवालों के जवाब भी जरूरी हैं

बगावती तेवर में सता की लालसा है। सत्ता का वियोग है। जिन्हे निशाने पर लिया गया है वे भी लोकतांत्रिक नहीं हैं। जनता...

उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी (आप) की तैयारी और साथ ही उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की सक्रियता से अभी कांग्रेस और भाजपा जरा भी विचलित नजर नहीं आ रहे हैं। यदि इन दोनों राष्ट्रीय दलों का यही दृष्टिकोण रहा और आप व उक्रांद अपनी बात को सही से लोगों के सामने रख पाए तो उत्तराखंड में इस बार तीसरी ताकत का उभरना तय माना जा रहा है। पिछले 20 सालों में जिस तरह से उत्तराखंड में संस्थागत भ्रष्टाचार पनापा है, उससे आम जनमानस बहुत ही त्रस्त है। उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के धनबलियों और बाहुबलियों की जिस तरह से सरकारों के संरक्षण में एंट्री हुई है, उसने भी पर्वतीय जनमानस को झकझोर दिया है। जिस उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन की जड़ें काफी मजबूत थीं आज वहां पर सहकारिता बस नाम की ही रह गई है। अपने हितों के लिए कुछ धनबलियों ने सरकारों के साथ मिलकर जेबी सहकारी संस्थाएं बनाकर तमाम संसाधनों पर कब्जा कर लिया है।

भ्रष्टाचार का आलम यह है कि ऑफिसों में टेबल पर बैठकर रिश्वत की दर तय होती है। खुले आम दावा किया जाता है कि पैसा ऊपर तक जाता है। उत्तर प्रदेश में शराब कारोबारी पॉन्टी चड्ढा ने करीब 12 साल पहले एक व्यवस्था शुरू की थी, जिसके तहत शराब की हर बोतल पर 10 रुपए अतिरिक्त वसूले जाते थे और यह पैसा सीधे प्रदेश की एक बड़ी नेता के भाई की जेब में पहुंचता था। इस पैसे से नेता का वह भाई आज अरबपति बन चुका है। आज उत्तराखंड में शराब और बीयर की हर बोतल पर 10 रुपये की अतिरिक्त वसूली हो रही है। सवाल यह है कि यह पैसा किसकी जेब में जा रहा है। उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है और यह सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आदशर् मानती है, लेकिन क्या सच में सरकार मोदी का अनुसरण कर रही है। मोदी की व्यक्तिगत ईमानदारी बेदाग है। उनके भाई-भतीजे व बाकी रिश्तेदार आम जीवन जीते हैं, लेकिन क्या इस सरकार में भी ऐसा ही है।

ऐसा नहीं है कि यह सब भाजपा सरकार में हो रहा है। कांग्रेस की सरकार में भी ऐसा ही होता रहा है। शराब पर लिया जाने वाला यह जजिया कर यह दिखाता है कि उत्तराखंड में सरकारों की प्राथमिकता जनता का भला नहीं, बल्कि अपना पेट भरना है। यही वजह है कि राज्य में हर पांच साल में सरकारें बदलती रही हैं। कांग्रेस व भाजपा को बदल-बदलकर उत्तराखंड की जनता देख चुकी है। इसीलिए इस बार तीसरी ताकत की बात बहुत ही मजबूती से हो रही है। कई प्रेक्षकों को लगता है कि आम आदमी पार्टी के आने से सत्ताधारी भाजपा को लाभ होगा, लेकिन ऐसा ही अनुमान दिल्ली में भी लगाया गया था। दिल्ली में उत्तराखंड के लोगों ने जिस तरह से आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया, उससे आप भी उत्साहित है। अब सवाल यह है कि आप उत्तराखंड में किन लोगों पर दांव खेलती है। पंजाब में आप जिस तरह से शुरुआत में बने माहौल का फायदा उठाने में विफल रही थी, वह गलती उसे उत्तराखंड में नहीं करनी चाहिए। साथ ही उत्तराखंड में आप को यह बताना होगा कि वह भ्रष्टाचार के मोर्चे पर क्या करेगी। आम लोगों को राहत दिलाने की उसकी क्या योजना है। इतना तय है कि अगर आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड में ठीक से मोर्चाबंदी की और अविवादित लोगों पर दांव खेला तो 2022 में उसका उभार तय है। जहां तक उत्तराखंड क्रांति दल का सवाल है तो दिवाकर भट्‌ट जैसे नेताओं ने उसकी विश्वसनीयता इतनी कमजोर कर दी हे कि अब लोग उस पर दांव खेलने से पहले एक बार सोचेंगे जरूर। लेकिन इतना तय है कि अब लोग उक्रांद को कांग्रेस व भाजपा के साथ एक ही पायदान पर रख रहे हैं। यह दोनों ही राष्ट्रीय दलों की बड़ी हार है।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article

समीक्षा के बहाने ‘अपने मन की’ करने की तैयारी में त्रिवेंद्र

खराब प्रदर्शन के आधार पर नापसंद मंत्रियों को हटाएंगे और अपनी पसंद के नेताओं को सरकार में लाएंगे

पहले दौर में हुड्‌डा का दांव योगेश्वर दत्त पर भारी

चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव के ठीक एक साल बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा आमने-सामने हैं। बरोदा...

हरियाणा की बेटी ने फतह की उत्तराखंड की सबसे ख़तरनाक चोटी रुदुगैरा

विश्व विख्यात पर्वतारोही अनीता कुंडू ने उत्तराखंड में स्थित रुदुगैरा को फतह कर लिया। उनका ये अभियान प्रधानमंत्री और खेल मंत्री...

हाथरस से निकल सकता है कांग्रेस के लिए लखनऊ का रास्ता

लखनऊ। हाथरस कांड कांग्रेस उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को पुनर्जीवन देने के लिए बड़ा मुद्दा बन सकता है, खासकर सपा और...

एशियाई लीडरों की तरह ट्रंप भी कर रहे है इनकम टैक्स की चोरी?

संजीव पांडेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लैटिन अमेरिकी और एशियाई लीडरों की कतार में शामिल हो रहे हैं।...